श्याम सुखधाम जहाँ नाम इनके ।
निशदिना प्राणपति आय हिय में बसे, जोई गावे सुजश भाग्य तिनके ॥१॥
येही जग में सार कहत बारंबार, सबन के आधार धन निर्धन के ।
लेत श्री यमुने नाम देत अभय पद दान, रसिक प्रीतम प्रिया बसजु इनके ॥२॥
पुष्टिमार्ग
हे कृष्ण, मैं आपका दास हूँ
श्याम सुखधाम जहाँ नाम इनके ।
निशदिना प्राणपति आय हिय में बसे, जोई गावे सुजश भाग्य तिनके ॥१॥
येही जग में सार कहत बारंबार, सबन के आधार धन निर्धन के ।
लेत श्री यमुने नाम देत अभय पद दान, रसिक प्रीतम प्रिया बसजु इनके ॥२॥
No comments yet
Comments feed for this article