सांवरो मंगल रूप निधान।

जा दिन तें हरि गोकुल प्रगटे दिन दिन होत कल्याण ॥१॥

बैंठि रहों श्याम धुन सुमिरो रैन दिना सब ध्यान ।

 श्री भट के प्रभु नैन भर देखों पीतांबर घनश्याम ॥२॥