ब्रजमंडल देस दिखाओ रसिया ब्रजमंडल ।
तिहारे बिरज में मोर बहुत हैं, कूंकत मोर फटे छतिया ॥
तिहारे बिरज मैं गैया बहुत है पी पी दूध भये पठिया ॥
तिहारे बिरज में ज्वार काचरो हरि हरि मूंग उडद किचिया ॥
तिहारे बिरज में बंदर बहुत हैं सूनो भवन देख धसिया ॥
पुरुषोत्तम प्रभु की छवि निरखत तेरे चरनन मेरो मन बसिया ॥