परिकम्मा को या विधि दीजै ।
रुक रुक ध्यान करो गिरिवर को,वार वार सिर दीजै ।
सुमरत नाम मगन मन चलिये,परमारथ भी कीजै ।
वाद विवाद त्याग मारग में,मौन प्रार्थना कीजै ।
बटै प्रसाद जो भर भर दोना,बस प्रणाम करि दीजै ।
भूख प्यास के कष्ट होय जो,बडे प्रेम सह लीजै ।
साधु संत की सेवा करके,जनम सफल कर लीजै ।

परिकम्मा को या विधि दीजै ।

रुक रुक ध्यान करो गिरिवर को,वार वार सिर दीजै ।

सुमरत नाम मगन मन चलिये,परमारथ भी कीजै ।

वाद विवाद त्याग मारग में,मौन प्रार्थना कीजै ।

बटै प्रसाद जो भर भर दोना,बस प्रणाम करि दीजै ।

भूख प्यास के कष्ट होय जो,बडे प्रेम सह लीजै ।

साधु संत की सेवा करके,जनम सफल कर लीजै ।